Alaeliua

कुछ लहमे मैं भी तुझसे
मांग लू युहीं
जो मेरे थे, शायद उनको
जान लू युही…

कही पे न होंगी अब
बातें उन रातो जैसी
किसी पे न होगा
ऐतबार अब,
हालत है ये कैसी

थोड़ा रुक जाऊ मैं
पल को न बहने दू
सांसो में तू है अब तक
सांसो को न थमने दू

तू ही बता,
क्या ये हुआ..
क्यों है भला
ये फासला

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